Reading Time: 3 minutesनवरात्रि के अंतिम और नवें दिन आदिशक्ति के नौवें स्वरूप माँ सिद्धिदात्री की पूजा-अर्चना की जाती है।“सिद्धिदात्री” का अर्थ है – सिद्धियाँ प्रदान करने वाली देवी। वे अष्टसिद्धियों (आठ दिव्य शक्तियों) और नव निधियों की अधिष्ठात्री हैं। माँ सिद्धिदात्री नवदुर्गा की पूर्णता मानी जाती हैं। सहस्रार चक्र पर विराजमान होकर वे साधकों को आध्यात्मिक परिपूर्णता और समस्त मनोरथों की सिद्धि प्रदान करती हैं। महात्म्य और पौराणिक कथा देवीपुराण और मार्कण्डेय पुराण के अनुसार, जब ब्रह्मांड की सृष्टि हुई, तब भगवान शिव ने माँ सिद्धिदात्री की आराधना की और उनकी कृपा से अर्धनारीश्वर स्वरूप को प्राप्त किया।माँ की…
-
-
Reading Time: 3 minutesआदिशक्ति की सातवीं शक्ति : कालरात्रि
-
Reading Time: 3 minutesआदिशक्ति की छठवी शक्ति : माँ कात्यायनी
-
Reading Time: 3 minutesनवरात्रि के चौथे दिन – माँ कूष्मांडा की उपासना
-
Reading Time: 3 minutes"आदिशक्ति का द्वितीय स्वरूप : माँ ब्रह्मचारिणी"






